Wednesday, 27 March 2019

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Yoga benefits: रोज करेंगे ये 6 आसान योगासन तो शेप में आएगी बॉडी, वजन होग

Yoga for weight loss: हर व्यक्ति के मन में यह डर बना रहता है कि बढ़ता मोटापा उसकी खूबसूरती पर धब्बा न बन जाए। इस मोटापे से छुटकारा पाने के लिए वह किसी न किसी जुगाड़ में लगे रहते हैं। कोई सुबह-सुबह पार्क में दौड़ लगाता नजर आता है, तो कोई जिम में कसरत करता, लेकिन मोटापा है कि जाने का नाम नहीं लेता। ऐसे में मोटापे के साथ कई और बीमारियां भी शरीर से दोस्ती कर लेती हैं। यही नहीं, अपने मोटापे को दूसरों की नजर से बचाने के लिए अपने साइज से बड़ा साइज खरीदना लोग पसंद करते हैं। लेकिन यह सब कोई स्थायी उपाय नहीं है।

जी हां, अगर आप भी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों की तरह अपने शरीर को शेप में रखना चाहतें है, तो अपनी दिनचर्या में योग को जगह दें। आसान से छह स्टेप आपके शरीर को पहले जैसे आकार में ले आएंगे (Yogasana for weight loss)।

'योग कोई धर्म नहीं है। यह एक विज्ञान है, अच्छा बनने का विज्ञान, ताज़गी का विज्ञान, शरीर को एक करने का विज्ञान, दिमाग और आत्मा को शांत रखने का विज्ञान।' अमित रे, (योग एंड विपासना) एन इंटग्रैटिड लाइफ स्टाइल
योगा कोई हाल ही की घटना नहीं है। यह एक प्राचीन भारतीय अभ्यास है, जो कि सिर्फ शरीर को ही शेप में करने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्ति के पूरे स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायक है।

मैंने योग को एक समग्र पैकेज के रूप में देखा है, जो कि दूसरी शारीरिक गतिविधियों के विपरीत मनुष्य के शरीर को बाहर से साथ ही अंदर से साफ और फिर से युवा करने में मदद करता है। अगर कोई व्यक्ति योगा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाता है, तो केवल वही व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आत्मिक अंतर को समझ सकता है।

बढ़ते प्रचलन ने लोगों को भी ज्यादा सतर्क बना दिया है। बढ़ती कमर और बढ़ते चयापचय (मेटाबॉलिज्म) विकार- कैंसर, डायबिटीज़ और अन्य बीमारियों को देखते हुए लोग स्वास्थ्य, डाइट प्लान और फिटनेस को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। एक लंबे समय से मैं मानती आ रही थी कि योगा में सिर्फ व्यायाम शामिल होते हैं, जिसमें आसन को कुछ सेकंड तक बनाए रखना ही मुख्य उद्देश्य होता है। यही नहीं, मेरा सोचना था कि योगा वह लोग करते हैं जो स्वस्थ तो हैं, लेकिन वह अपने शरीर में लचीलापन लाना चाहते हैं। जिम में उच्च प्रखर कसरत करने के अलावा, मैंने कभी भी वजन कम करने के लिए योग को प्रभावी कसरत नहीं माना। मुझे योगा के विभिन्न आसनों और इसके गुणों को सही से समझने में काफी समय लगा। लेकिन इसे समझना मेरे लिए काफी शिक्षाप्रद, सकारात्मक और संतुष्टिदायक रहा।

 
योग और वजन कम करना
 योग के महत्तव और मनुष्य के शरीर से उसके संबंध को समझने के लिए मैं जानी-मानी योग व्यवसायी और फिटनेस एक्सपर्ट सीमा सोंधी से मिली और उनसे पूछा कि योगा वजन कम करने में कैसे मदद करता है। उन्होंने शुरुआत से ही योग के मूल तत्वों के बारे में मुझे बताया।

सीमा सोंधी बताती हैं कि वजन कम करने का लक्ष्य बनाने से पहले वजन बढ़ने के कारणों को जानना बहुत जरूरी है। खाने की आदतों को छोड़कर, वजन बढ़ने के कारण और शारीरिक कार्यों का सही से काम न करना जैसी बातों पर गौर करना चाहिए। योगा एक श्वास अभ्यास है, जो कि सफाई, संतुलन और अंदर के अंग और उनके कार्य को ठीक करता है। कई प्रकार के श्वास व्यायाम और बुनियादी आसन मेटाबॉल्सिम और ह्रदय दर बढ़ाने में मदद करते हैं। एक बार अगर आप इसमें अच्छे से चले जाते हैं, तो फिर केंद्र बाहरी शरीर पर आ जाता है।

सीमा का कहना है, 'मैं वजन कम करने के लिए किसी विशेष आसन पर भरोसा नहीं करती। लगभग सभी आसन अंदर के तंत्र को साफ करने, सहनशक्ति को बढ़ाने, लचीलापन और मेटाबॉलिक दर बढ़ाने में मदद करते हैं।' वह बताती हैं कि शरीर में लचीलापन लाने के लिए योग कैसे सहायक है। इसमें शरीर को घुमाना, आगे और पीछे की ओर मोड़ना, उलटा करना और दूसरी मुद्राएं जंग लगी मांसपेशियों को खोलने में मदद करती हैं और इससे वजन कम होता है।

6 योगासन जो वजन कम करने में आपकी मदद करेंगे - Yoga Postures for Weight Loss in Hindi
 
सूर्य नमस्कार
यह एक बुनियादी, सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है-'सूरज का अभिवादन' या 'वंदन करना'। इसमें 12 योग मुद्राओं का मिश्रण होता है, जो कि शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है। इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है। उदाहरण के लिए प्रार्थना की मूल मुद्रा, आगे की ओर मुड़ना और फिर भुजांगासन।

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर को चुस्त रखने के लिए सूर्य नमस्कार एक बढ़िया तरीका है, क्योंकि यह शरीर के लगभग हर संभव अंग की कसरत करने में मदद करता है। यह कंकाल प्रणाली की सहनशक्ति बढ़ाने, तनाव और चिंताओं को दूर करने में भी सहायक है।

वीर भद्रासन या योद्धा मुद्रा
इस आसन की मुद्रा पहाड़ों पर जाने वाली मुद्रा के सामान होती है। अपने एक पैर को पीछे की ओर खींचकर, दूसरे पैर को आगे कूदने की मुद्रा में बना लें, जिसमें घुटने 90 डिग्री मुद्रा में हो और हाथों को जोड़कर सिर के ऊपर तक ले जाएं।


वीरभद्रासन-2 के लिए आप इस मुद्रा को आगे ले जा सकते हैं, जिसमें अपने हाथ छाती के सामने ले जाएं और खींचे हुए पैरों को सीधा कर लें (बाहर की और निकलती हुई), वहीं दूसरे पैर को अभी भी 90 डिग्री पर ही रखें और अपने दोनों हाथों को खींचकर बाहर की तरफ फैला लें। यह योद्धा मुद्रा आपके पैर, जांघ, पीठ और हाथ पर काम करती है। यही नहीं, यह रक्त प्रवाह सही करने में भी मदद करती है।

त्रिकोणासन
यह आसन करने के लिए पैरों को फैला लें, जिसमें सीधा पैर बाहर निकाल लें। अब अपने हाथों को बाहर की ओर खोल लें और सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर ले जाएं। सीधी कमर के साथ नीचे की ओर देखें।

अपनी सीधी हथेली को जमीन पर रखें (इसे सीधे पैर के आगे या पीछे भी रखा जा सकता है) और अपने उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी साइड से भी दोहराएं। यह आसन शरीर की साइडों, हाथों और जांघों पर काम करता है।

पूर्वोत्तनासन
इसकी शुरुआत करने में शायद थोड़ी मुश्किल लगे, लेकिन इसका असर आपको खुश कर देगा। यह आपकी पीठ, कंधों, हाथ, रीढ़ की हड्डी, कलाई और जंग लगी मांसपेशियों पर काम करता है। यह श्वसन प्रणाली को सही रूप से चलाने के लिए भी बहुत अच्छा आसन है। यही नहीं, यह शरीर की मुख्य ताकत को बढ़ाने में भी मदद करता है। यह आपके पैरों, जांघों की अंदरूनी मांसपेशियां और हिप्स पर भी असर डालता है।

अपने पैरों पर बैठकर उन्हें आगे की ओर खींचें। हाथों को हिप्स के पीछे ले जाएं और पैरों की तरफ करें। अब पैरों से शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और सिर को पीछे की तरफ धकेलने की कोशिश करें। यह पुश-अप करने की मुद्रा का ठीक उल्टा होता है।

मेरी पसंदीदा मुद्रा

वैसे तो मैं रोज योग नहीं करती, लेकिन कुछ मुद्राएं ऐसी हैं, जिन्हें मैं अपने वर्कआउट में जरूर शामिल करती हूं। यह मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ाने, खिंचाव और लचीलापन बढ़ाने में मदद करती है। इन्हें एक बार करने से आपको चुनौतीपूर्ण, थकाऊ और संवेदात्मक अनुभूति का अहसास होगा।

बोट मुद्रा

पीठ के बल लेट जाएं और अपने शरीर को ‘वी’ आकार, जो कि नांव (बोट) से मिलता-जुलता है, ऐसा बनाएं। मुद्रा को दस सेकंड तक बनाएं रखें। इस दौरान आपको लगेगा कि आपकी मांसपेशियां उछल रही हैं, लेकिन यकीन मानो यह आपके बैली फैट को बिल्कुल खत्म कर देगा।

ब्रिज मुद्रा

पीठ के बल लेट जाएं और हाथ बगल में फैला लें। अब घुटनों को मोड़कर, उन्हें बाहर की तरफ फैला लें। पेट वाले हिस्से से शरीर को ऊपर की ओर उठाएं, अपने हाथों से सहारा देकर, मुद्रा को कुछ देर तक बनाएं रखें। यह मुद्रा आपके हिप्स, जांघ, पेट और पीठ पर काम करेगी।

स्वस्थ रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए शारीरिक व्यायाम ही सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन एक बात अवश्य ध्यान रखें कि व्यायाम के दैरान अगर उचित आहार न लिया जाए, तो शारीरिक व्यायाम करना व्यर्थ और अनुत्पादक है।
सीमा इसलिए सात्विक और योगिक डायट की सलाह देती हैं, जिनमें ताजा और जैविक उत्पादों पर ही भरोसा किया जा सकता है। मसालों पर रोक और प्रोसेसड फूड खाना हानिकारक है। इस दौरान घर का बना खाना, ताजे फल और एक बार डाइट में सब्जियों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही, एक बार में खाए जाने वाले खाने की मात्रा को भी ध्यान में रखना जरूरी है। आपनी खाने की आदत को नियंत्रित करना होगा।

Monday, 18 March 2019

Liver problems

अगर आपको भी रहता है पेट में दर्द तो हो जाये सावधान हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ये शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है और इसका वजन 2.5 से 3 पाउंड तक हो सकता है। लिवर शरीर की कई महत्वपूर्ण क्रियाओं को कंट्रोल करता है। लिवर का मुख्य काम भोजन को पचाना, पित्त का उत्पादन, खून की सफाई और मल त्याग में मदद करना आदि है।

लिवर में ये क्षमता होती है कि वो अपनी अव्यवस्थाओं और खराबियों को कुछ स्तर तक खुद ही ठीक कर लेता है लेकिन इस प्रक्रिया में कई बार इसकी टिश्यूज खराब हो जाती हैं।

लिवर की सबसे ज्यादा बीमारियों का कारण शराब और तम्बाखू वाले पदार्थ और अस्वस्थ आहार है। लिवर में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं जिनमें लीवर लिवर फेल्योर, लिवर कैंसर, लिवर एबसेस, फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस मुख्य हैं।

लिवर सिरोसिस धीमी गति से बढ़ने वाला रोग है। आम भाषा में कहें तो इस रोग में लिवर का आकार सिकुड़ने लगता है और उसमें कठोरता आने लगती है। इस रोग में लिवर की बहुत सारी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह फाइबर तंतु ले लेते हैं। साथ ही लीवर की बनावट भी असामान्य हो जाती है, जिससे पोर्टल हाइपरटैंशन की स्थिति पैदा हो जाती है। इस बीमारी का अंतिम इलाज लीवर प्रत्यारोपण यानि लिवर ट्रांसप्लांट है।

लिवर सिरोसिस का मुख्य कारण इसका गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाना है और ये होता है गलत खान-पान की आदतों और एल्कोहल के ज्यादा सेवन की वजह से। खान-पान में आमतौर पर वसायुक्त चीजों का ज्यादा सेवन से, ज्यादा नॉन वेज आहार लेने से और दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी होती है।

चूंकि ये एक गंभीर बीमारी है और ये धीरे-धीरे शरीर पर असर करती है इसलिए इसके लक्षण 3 अवस्थाओं में अलग-अलग देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों की सहायता से और शरीर की जांच द्वारा इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

1. पहली अवस्था में शरीर बेवजह थकान महसूस करने लगता है और इसका वजन घटना शुरू हो जाता है साथ ही पाचन संबंधी गडबडियां शुरू हो जाती हैं।

2. दूसरी अवस्था में रोगी को बार-बार चक्कर आने लगता है और उल्टियां होने लगती हैं। इसके अलावा खाना खाने का मन नहीं करता है और बुखार बना रहता है।

3. तीसरी और अंतिम अवस्था में उल्टियों के साथ खून आने लगता है और मरीज को बेहोशी होने लगती है। इसके अलावा मामूली सी चोट लगने पर भी खून नहीं रुकता है। तीसरा स्टेज आ जाने पर मरीज पर दवाओं का असर नहीं होता है। इसके बाद एकमात्र विकल्प लिवर का ट्रांस्प्लांट बचता है, जो एक खर्चीला इलाज है।

लिवर सिरोसिस जैसे गंभीर रोग से बचाव के लिए आपको अपने खान-पान की आदतों में सुधार करना होगा। एल्कोहल पदार्थों का सेवन इसकी सबसे बड़ी वजह है इसलिए इसे आपको तुरंत बंद कर देना चाहिए। इसके अलावा फास्ट फूड्स, वसा वाले आहार, लंबे समय तक नॉन वेज आहार और गंदा पानी पीने से भी ये रोग हो जाता है। इससे बचाव के लिए आपको अपने आहार में विटामिन्स और एंटी ऑक्सिडेंट्स से भरे फूड्स जैसे हरी सब्जियां, फल, गाजर, मूली, चुकंदर, सिंघाड़ा, सोयाबीन, अंडा, दूध आदि का सेवन करना चाहिए

Liver problems

लीवर की खराबी होने के यह हैं लक्षण, ऐसे करें आयुर्वेद से उपाए


ज्यादातर लीवर की खराबी अधिक तेल मसाले वाला भोजन, ज्यादा शराब पीने या बाहर का खाना अधिक खाने की वजह से होता है. लीवर की खराबी के कई लक्षण हो सकते  हैं

आज कल हर व्यक्ति को पेट से सम्बंधित कुछ न कुछ परेशानी लगी रहती है. यह परेशानी लीवर में गड़बड़ी की वजह से अधिक होती हैं. खान पान पर विशष ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसकी वजह से लीवर ख़राब हो जाता है. इसमें लीवर का फैटी होना, सूजन आ जाना और लीवर में इन्फेक्शन हो जाना शामिल है. यदि हमारा खाना ठीक प्रकार से नहीं पच रहा है या हमे पेट में किसी प्रकार की परेशानी आ रही हैं तो हमे समझ जाना चाहिए की ये लीवर की खराबी के लक्षण हैं. इसे अनदेखा करना घातक साबित हो सकता है.

ज्यादातर लीवर की खराबी अधिक तेल मसाले वाला भोजन, ज्यादा शराब पीने या बाहर का खाना अधिक खाने की वजह से होता है. लीवर की खराबी के कई लक्षण हो सकते  हैं. इसमें मुंह बदबू आना, आंखों के नीचे काले धब्बे पड़ना, पेट में हमेशा दर्द रहना, भोजन का सही ढंग से नहीं पचना, त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ना, पेशाब या मल गहरे रंग का होना इत्यादि लीवर की खराबी के सामान्य लक्षण हैं. लीवर की खराबी का हमें जांच के बाद ही पता चल सकता है.

यदि पाचनतंत्र में खराबी हो या लीवर पर वसा जमा  हो या फिर वह बड़ा हो गया हो तो ऐसे में पानी भी नहीं हजम होगा. त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ने लगते हैं, जिससे “लीवर स्पॉट” भी कहा जाता है. अगर हमारा लीवर सही से कार्य नहीं कर रहा होता है तो बदबू भी आने लगती है, क्योंकी मुंह में अमोनिया ज्यादा रिसता है.

लीवर को स्वस्थ रखने के लिए स्वामी परमानन्द प्राकृतिक चिकित्सालय के प्रवक्ता डॉ सुबोध भटनागर कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में बताते हैं.

-रात को सोने से पहले दूध में हल्दी मिला कर पीयें. हल्दी में रोग निरोधक क्षमता होती है. यह हैपेटाइटिस बी व सी के कारण होने वाले वायरस को बढ़ने से रोकता है.

-एक गिलास पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर और शहद मिला कर दिन में दो से तीन बार लें यह शरीर में मौजूद विषैले चीजों को निकालने में मदद करता है.

-आंवला विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है. यह लीवर को कार्यशील बनाने में मदद करता है. स्वस्थ लीवर के लिए दिन में 4-5 आंवलें का सेवन ज़रूर करें.  

-पपीता पेट से सम्बंधित सभी रोगों क लिए एक रामबाण औषधि है. प्रतिदिन दो चम्मच पपीते के रस में आधा चम्मच नींबू का रस मिलकर पीयें. इससे पेट सम्बंधित कई परेशानियों से निजात मिलता है. खासकर यह “लीवर सिरोसिस” में लाभकारी होता है.

-पालक और गाजर के रस का मिश्रण “लीवर सिरोसिस” के लिए फायदेमंद घरेलू उपचार है.

-सेब और हरी पत्तेदार सब्जी पाचन तंत्र में उपस्थित जहरीली चीजों को बाहर निकलने में और लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

-भुई–आंवला या भू-धात्री एक ऐसी औषधि हैं,  जो हमारे लीवर को संपूर्ण सुरक्षा देता है. इसका प्रतिदिन सेवन करना चाहिए.

Liver problems



ये हैं Liver Disease के 6 संकेत, जिन्हें कभी न करें नजरअंदाज

    

लिवर शरीर का सबसे ही महत्तवपूर्ण अंग है, जो बाकी अंगों से सहनशील होता है। लेकिन खानपान की गलत आदतों और खराब जीवनशैली से लिवर पर काफी गलत प्रभाव पड़ता है। लिवर में सूजन और उसके खराब होने की समस्या आजकल आम देखने को मिलती है। वैसे तो  हर बीमारी होने से पहले ही कुछ संकेत देने लगती है ठीक उसी प्रकार लिवर खराब होने पर हमारा शरीर कुछ संकेत देने लगते है, जिन्हे नजरअंदाज कर दिया जाता और उसको सही समय पर इलाज न मिलने में दिक्कत और भी बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि लिवर खराब  पर मिलने वाले संकेतों के बारें सभी को जानकारी होनी चाहिए, ताकि उसके खराब होने से बचाया जा सकें। 

 

1. धीरे-धीरे बढ़ता हैं दर्द

लिवर पेट के ऊपरी हिस्सें पर मौजूद होता है, अगर इसमें अक्सर अचानक से दर्द रहने लगे तो इसे अनदेखा बिल्कुल न करें, क्योंकि यह कोई बड़ी प्रॉबल्म या लिवर की बीमारी भी हो सकती है। वहीं अगर दर्द धीरे-धीरे तेज होने लगे तो डॉक्टर की सलाह लें। 

2. सूजन आना
लिवर में कोई प्रॉबल्म हो तो हाथ-पैर सूजने लगते है। दरअसल, हाथ-पैर में सूजन आने का मतलब है कि हमारा लिवर ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहा। उसे अपना काम करने में काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे मेंसूजन को मामूली न समझें और डॉक्टर के पास जाए।

3. नील के निशान


लिवर की समस्या होने से शरीर पर जगह- जगह नील पड़ जाते हैं। हम लोग अक्सर इन नील के निशान को अनदेखा करके बैठ जाते है। ध्यान रखें अगर शरीर पर बार-बार बिना किसी चोट के भी नील पड़ने लगे तो यह लिवर डैमेज होने का संकेत हो सकता है। 

4. वजन बढ़ना
अगर आप एक्सरसाइज और खाना भी समय पर ले रहे है , तब भी आपका वजन बढ़ता जा रहा है तो यह कोई गंभीर समस्या हो सकती है। वजन बढ़ने का कारण लिवर खरबा होने का संकेत देता है। ज्यादा शक्कर, फैटी खाना या शराब पीने सेभी लिवर पर असर पड़ने लगता है।

5. खुजली
लिवर की बीमारी के कारण शरीर में खुजली होना शुरू हो जाती है। स्किन की कुछ जगहों पर अचानक खुजली शुरू हो जाएगी लेकिन यह किसी अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता है इसलिए अपने किसी डॉक्टर से सलहा जरूर लें। 

6. थकान
भागदौड़ के कारण आलस और थान रहना आम है लेकिन बिना किसी काम को किए भी थान रहने लगे तो यह लिवर के खराब होने का संकेत हो सकता है। 

Thursday, 14 March 2019

My idea Book

1. Auto/eco Purchase
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6. www.firstnaukri.com
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    www.genextstudents.com

Thursday, 7 March 2019

Maths teacher experience

T

Assignment Point

X


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Subject


Topic




Experience Certificate Format for Math Teacher

Subject: Other

Topic: Letter

Experience Certificate Format for Math Teacher


Date: xx-xx-xx

To Whom It May Concern

This is to certify that (Name: XYZ) has worked as a senior math teacher at (Institute Name) from (Date) to (Date). He/She has done masters in Math’s and psychology which gives him/her a good command over the subject as well as how to treat the students. Throughout his/her career process, he/she has proven to be a very well mannered, organized and devoted teacher. Apart from that, he/she is very friendly towards children and his/her excellent leadership qualities has allowed him/her to be given the title of best teacher in our institution.

He/She is a very kind, generous, helpful and cooperative teacher and many students approach him/her even after the regular school/college timings which clearly prove that he/she is a hardworking and devoted teacher. He/She has been an asset to our institution and we assure that he/she will remain an asset to any organization/institution that he/she will be working with due to his/her punctuality and dedication.

We best his/her luck for the future and we pray that he/she gets to achieve all his/her goals and targets and succeed in every step of his/her life. This letter is written on prior request of higher authority and there are no personal comments in this letter. This is purely professional.

Yours Sincerely,

(Designation/Position Name)

Signature:


Monday, 4 March 2019

Gayatri mantra

Qहोती है देवताओं की सिद्धि

इष्टसिद्धि के नजरिए से गायत्री मंत्र से ही 24 देवताओं का इष्ट और उनकी शक्ति पा कर साधक सिद्ध हो जाता है। देवताओं के मंत्रों में अपार शक्ति हैं। कई मंत्र ऐसे होते जिनके जपने से हमारे संकट दूर हो जाते हैं। अलग अलग देवताओं के अलग अलग मंत्र होते हैं। धर्मग्रंथों के अनुसार ताकत, सफलता व इच्छाएं पूरी करने के लिए इष्टसिद्धि बहुत आवश्यक है। इष्टसिद्धि का मतलब है कि व्यक्ति जिस देव शक्ति के लिए श्रद्धा और आस्था मन में बना लेता है, उस देवता से जुड़ी सभी शक्तियां, प्रभाव और चीजें उसे मिलने लगती हैं। इष्टसिद्धि मे मां गायत्री का ध्यान बहुत शुभ होता है। गायत्री उपासना के लिए गायत्री मंत्र बहुत ही चमत्कारी और शक्तिशाली माना गया है।


24 मंत्र 24 देव


शास्त्रों के मुताबिक इस मंत्र के 24 अक्षर 24 महाशक्तियों के प्रतीक हैं। एक गायत्री के महामंत्र द्वारा इन देवशक्तियों का स्मरण हो जाता है। ऐसी भी मान्‍यता है क‍ि 24 देव शक्तियों के ऐसे 24 चमत्कारी गायत्री मंत्र मे से, जो देवी-देवता आपके इष्ट है, उनका विशेष देव गायत्री मंत्र बोलने से चमत्कारी फल प्राप्त होता। शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक व भौतिक शक्तियों की प्राप्ति के लिए गायत्री उपासना सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। गायत्री ही वह शक्ति है जो पूरी सृष्टि की रचना, स्थिति या पालन और संहार का कारण है। वेदों में गायत्री शक्ति ही प्राण, आयु, तेज, कीर्ति और धन देने वाली मानी गई है। यही कारण है क‍ि गायत्री मंत्र को महामन्त्र कहा जाता है, जो शरीर की कई शक्तियों को जाग्रत करता है।


सात प्रमुख देवी देवताओं के मंत्र


श्री गणेश को प्रथम पूज्‍य माना जाता है तो सबसे पहले उनके ही गायत्री मंत्र को जानें।


1- श्रीगणेश – मुश्किल कामों में कामयाबी, रुकावटों को दूर करने, बुद्धि लाभ के लिए इस गणेश गायत्री मंत्र का स्मरण करना चाहिए।


ॐ एकदृंष्ट्राय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो बुद्धिः प्रचोदयात्।


इसके बाद क्रम से ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश आते हैं तत्‍पश्‍चात देवी शक्‍ति की आराधना होती है। पालन-पोषण की क्षमता व काबिलियत बढ़ाने या किसी भी तरह से सबल बनने के लिए विष्णु गायत्री का महत्व है।


2- विष्णु – नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।


दायित्वों व कर्तव्यों को लेकर दृढ़ बनने, अमंगल का नाश व शुभता को बढ़ाने के लिए शिव गायत्री मंत्र बड़ा ही प्रभावी माना गया है।


3- शिव – ॐ पञ्चवक्त्राय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।


किसी भी रूप में सृजन शक्ति व रचनात्कमता बढ़ाने के लिए ब्रह्मा गायत्री मंत्र मंगलकारी होता है।


4- ब्रह्मा – ॐ चतु्र्मुखाय विद्महे हंसारुढ़ाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात्।


रुतबा, पैसा, पद, यश व भौतिक सुख-सुविधाओं की चाहत लक्ष्मी गायत्री मंत्र शीघ्र पूरी कर देता है।


5- लक्ष्मी – ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।


बुद्धि व विवेक, दूरदर्शिता, चतुराई से सफलता मां सरस्वती गायत्री मंत्र से फौरन मिलती है।


6- सरस्वती – ॐ सरस्वत्यै विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्।


विघ्नों के नाश, दुर्जनों व शत्रुओं को मात व अहंकार के नाश के लिए दु्र्गा गायत्री मंत्र का महत्व है।


7- दुर्गा – ॐ गिरिजायै विद्महे शिव धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्।


ये देवशक्तियां जाग्रत, आत्मिक और भौतिक शक्तियों से संपन्न मानी गई है। इष्टसिद्धि के नजरिए से मात्र एक मंत्र से ही सातों देवी देवताओं का इष्ट और उनसे जुड़ी शक्ति पाना साधक को सिद्ध बना देता है।