Friday, 22 November 2019
Monday, 24 June 2019
Business ki baat
सरकार की मदद से हर महीने करें 30 हजार तक की कमाई, जानें क्या है बिज़नेस मॉडल?
बिजनेस शुरू करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अगर आप भी नौकरी के बजाय बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो मोदी सरकार की इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं.
बिजनेस शुरू करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. अगर आप भी नौकरी के बजाय बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो मोदी सरकार की इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं. सरकार की योजना साल 2020 तक देश में 2500 और जन औषधि केंद्र (Janaushadhi Kendra) खोलने की योजना है. मोदी सरकार हर ब्लॉक में सस्ती दवा की कम से कम एक केंद्र खोलना चाहती है. इन केंद्रों से लोगों को कम कीमत में अच्छी दवाईयां मुहैया कराई जाती हैं. ऐसे में अगर आप भी अपने शहर या कस्बे में ही रहकर बेहतर रोजगार की तलाश कर रहे हैं तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.
कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र
पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर स्टोर खोल सकेगा. दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी और सेल्फ हेल्प ग्रुप को स्टोर खोलने का मौका मिलेगा. वहीं तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों द्वारा नॉमिनेट की गई एजेंसी होगी. दुकान खोलने के लिए 120 वर्गफुट एरिया में दुकान होनी जरूरी है.

स्टोर खोलने पर 2.50 लाख की सहायता
जनऔषधि केंद्र से दवा बेचने पर मिलने वाले को 20 फीसदी मार्जिन के अलावा हर महीने की बिक्री पर अलग से 15 फीसदी इंसेंटिव मिलेगा. इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये प्रति माह होगी. इंसेंटिव तब तक मिलेगा, जब तक कि बिक्री 2.50 लाख रुपये पूरे न हो जाएं.
कैसे होगी कमाई
जन औषधि केंद्र के जरिए महीने में जितनी दवाओं की बिक्री होगी, उसका 20 फीसदी कमीशन के रूप में मिलेगा. इस लिहाज से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपये की भी बिक्री की तो आपको उस महीने 20 हजार रुपये की इनकम हो जाएगी. ट्रेड मार्जिन के अलावा सरकार मंथली सेल्स पर 15 फीसदी इंसेंटिव देगी, जो आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा.
कैसे करें अप्लाई
जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आप https://janaushadhi.gov.in/ पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकते हैं. आवेदन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (BPPI) के जनरल मैनेजर (A&F) के नाम से भेजना होगा. ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जन औषधि की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है.
ऑनलाइन अप्लाई
जन औषधि केंद्र के लिए ऑनलाइन आवेदन https://janaushadhi.gov.in/ पर किया जा सकता है. सबसे आपको वेबसाइट पर जाकर आनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म भरना होगा. इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड कर अपना फार्म सबमिट कर सकते है
Tuesday, 21 May 2019
Wednesday, 8 May 2019
Aadhar ko bank se delink kaise kare
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Updated on: May 08, 2019, 10.29 AM IST,

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के आदेश के मुताबिक, आधार पूरी तरह से वैकल्पिक है. आधार एक्ट के तहत सेक्शन 57 को असंवैधानिक करार दिया जा चुका है.
सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट के तहत सेक्शन 57 को असंवैधानिक करार दिया है. इस फैसले के बाद बैंक अकाउंट, मोबाइल-वॉलेट और मोबाइल नंबर को अब आधार को लिंक कराने की जरूरत नहीं है. हालांकि, जिन्होंने पहले से ही बैंक खाते, मोबाइल नंबर से आधार को जोड़ रखा है वह इसे डीलिंक कर सकते हैं. कुछ बैंकों ने अपने ग्राहकों को आधार डीलिंक करने की सुविधा देना शुरू कर दिया है. लेकिन, डीलिंक कैसे करें, इसकी सही जानकारी होना जरूरी है.
अब भी मांगा जा रहा है आधार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अब भी ज्यादातर बैंक, मोबाइल वॉलेट कंपनियां अपने ग्राहकों से KYC के नाम पर आधार देने को बोलती हैं. हालांकि, यह बिल्कुल अनिवार्य नहीं है कि आधार को पहचान पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. यह पूरी तरह से ग्राहकों पर निर्भर करता है कि वह आधार देना चाहता है या नहीं.
कैसे डीलिंक कर सकते हैं अपना आधार
> सबसे पहले आपको बैंक, ई-वॉलेट और मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा.
> कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर लॉग-इन करें और अपने पर्सनल प्रोफाइल वाले विकल्प पर जाएं
> अब यहां डीलिंक करने के विकल्प की तलाश करें. यहां से डीलिंक होने के बाद इसका डीलिंक होने का एक SMS भी मिलेगा.
> बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर आधार डीलिंक का विकल्प नहीं मिलने की स्थिति में अपनी ब्रांच से संपर्क करें. बैंकों ने इसके लिए एक फॉर्म भी जारी करना शुरू किया है.
> बैंक से अपने फॉर्म के बदले स्वीकृति पत्र लेना न भूलें. इस पर बैंक की मुहर या सील होनी चाहिए.
> आप अपने बैंक को उसकी ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर भी भेज सकते हैं. इसके लिए कई बैंकों ने अपनी ई-मेल आईडी शेयर करना शुरू किया है.
> बैंक और टेलीकॉम ऑपरेटर्स को आप एक फॉर्म भरकर भी भेज सकते हैं. इसके लिए कस्टमर सर्विस पर रिक्वेस्ट की जा सकती है.
कैसे भरे डीलिंक आधार नंबर फॉर्म
आधार नंबर डीलिंक करने के हेतु आवेदन
तारीख:
ब्रांच मैनेजर:
बैंक का नाम:
पता:
विषय: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मेरे बैंक अकाउंट/मोबाइल नंबर/ई-वॉलेट से आधार नंबर को डीलिंक किया जाए.
बैंक खाता संख्या/मोबाइल नंबर/ई-वॉलेट संख्या....
इसके बाद आप अपने मैसेज लिख सकते हैं, जिसमें आप अपने आधार को डीलिंक करने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दे सकते हैं. इसमें आपको ज्यादा जानकारी नहीं देनी है. सिर्फ अपने निजता के अधिकार को रखते हुए डीलिंक करने को कहना है.

पूरी तरह वैकल्पिक है आधार
आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के आदेश के मुताबिक, आधार पूरी तरह से वैकल्पिक है. जनधन खाता, बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन, स्टॉक डीलिंग्स, पासपोर्ट, प्रोविडेंट फंड, पेंशन, सैलरी और एडमिशन के लिए आधार देने की जरूरत नहीं है.
सिर्फ इन कामों के लिए शेयर करें
> पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा. इसके बाद आधार को पैन कार्ड से लिंक भी कराना होगा. लिंक कराने का फायदा वित्तीय स्थितियों में लाभ के लिए मिलेगा.
> आयकर रिटर्न भरने के लिए भी आधार नंबर की डिटेल्स फाइल करनी होगी. इसके लिए आधार का पैन से लिंक होना जरूरी है.
> सरकार की तरफ से दी जाने वाली लाभकारी योजनाओं में आधार जरूरी होगा. साथ ही सब्सिडी आधारित योजनाओं में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए भी आधार अनिवार्य होगा.
कहां शेयर करना जरूरी नहीं
> मोबाइल सिम लेने के लिए किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर या रिटेलर को आधार देने की जरूरत नहीं होगी. कंपनियां आपसे आधार नहीं मांग सकेंगी.
> मोबाइल वॉलेट के केवाईसी के लिए भी अब आधार देने की जरूरत नहीं होगी. यहां भी आधार की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.
> किसी भी बैंक भी अकाउंट खोलने के लिए आधार कार्ड या नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी.
> स्कूल एडमिशन के वक्त बच्चे का आधार नंबर शेयर करना जरूरी नहीं होगा.
> CBSE, नीट और UGC की परीक्षाओं के लिए भी आधार जरूरी नहीं होगा.
> 14 साल से कम उम्र के बच्चों को आधार नहीं होने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली जरूरी सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता.
> म्युचुअल फंड, शेयर मार्केट के केवाईसी के लिए भी आधार कार्ड देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.
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Thursday, 2 May 2019
Monday, 22 April 2019
Mudra Loan / Bussiness Loan
Borrower:
1. Pan Card
2. Adhaar Card
3. Voter Id card
4. Photo 2
5. Rent agreement of shop
6. Tin number
7. GST registration
8. Income Tax Return- Latest 3 years
9. Balance Sheet - 3 years previous and 3 year project
10. Profit and Loss Account- 3 years previous
11. UAN( Udyog Adhaar Number)
Gaurrantor:
1. PAN Card
2. Adhaar Card
3. Voter Id
4. Photo-2
5. Income Tax Return
